📣 विकसित भारत तभी साकार होगा जब देश का हर राज्य, जिला और गांव विकसित होगा। — प्रो. विकास सिंह (डीन ऑफ फैकल्टी तथा राष्ट्रीय सचिव, स्वदेशी शोध संस्थान)

विकसित सोलन के बारे में

एक ज़िला, एक डिजिटल हाट

विकसित सोलन एक ज़िला-स्तरीय बाज़ार है जहाँ सोलन ज़िले का हर दुकानदार, स्वयं सहायता समूह, PACS, कारीगर, किसान, होमस्टे-मालिक और ट्रैक्टर-मालिक पंजीकरण करके, ज़िला प्रशासन से सत्यापित होकर, पूरे ज़िले के ग्राहकों — और बाणसागर आने वाले पर्यटकों — तक पहुँच सकता है।

हमारे सिद्धांत

  • एक इंजन, अनेक वर्टिकल — उत्पाद, सेवाएँ, कमरे, मशीनें और पर्यटन-स्थल सब एक ही यूनिवर्सल लिस्टिंग इंजन पर।
  • दुकानदार = फ़ुलफ़िलमेंट सेंटर — कोई डार्क-स्टोर नहीं; स्थानीय दुकान ही गोदाम है, पूँजी-लागत शून्य, स्थानीय रोज़गार अधिकतम।
  • सत्यापन-प्रथम — KYC व श्रेणी-विशेष दस्तावेज़ (FSSAI, Udyam, ड्रग लाइसेंस, HP Tourism (HPTDC)) सत्यापक द्वारा स्वीकृत होने पर ही लिस्टिंग सार्वजनिक।
  • हिंदी-प्रथम, कम-डेटा — साधारण स्मार्टफ़ोन पर ग्रामीण उपयोगकर्ताओं हेतु; बिना फ़ोन वालों के लिए हेल्पलाइन।
  • सरकारी योजनाओं से जुड़ाव — NRLM, PM विश्वकर्मा, MP होमस्टे, श्री-अन्न, ONDC, UPI, DigiLocker।

नौ वर्टिकल

  1. क्विक-कॉमर्स दुकानें (किराना, डेयरी, मेडिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स…)
  2. SHG व गृह-उद्यमी (पापड़, अचार, महुआ, दोना-पत्तल)
  3. PACS – सहकारी समितियाँ (बीज, खाद, खरीदी)
  4. 40 सेवा-प्रदाता श्रेणियाँ (इलेक्ट्रीशियन से पंडित तक)
  5. पर्यटन — होटल, होमस्टे, गाइड, टैक्सी
  6. किसान व सब्ज़ी सहकारिता चेन (ताज़ा उपज बोर्ड)
  7. कृषि मशीनरी बुकिंग (ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, ड्रोन)
  8. B2B / D2B2C व्यापार (थोक मूल्य-सूची, GST इनवॉइस)
  9. ज़िला-अर्थव्यवस्था डैशबोर्ड

संचालन

विकसित सोलन डिजिटल हाट प्लेटफ़ॉर्म का संचालन डिपार्टमेंट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन, फैकल्टी ऑफ टेक्निकल, वोकेशनल एजुकेशन एंड स्किल ट्रेनिंग, केंद्रीय विश्वविद्यालय अमरकंटक (IGNTU) के प्रोजेक्ट के छात्रों तथा उन छात्रों के सुपरवाइज़र गाइड एवं इस विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट तथा डीन ऑफ फैकल्टी प्रोफ़ेसर विकास कुमार सिंह के द्वारा किया जाता है। प्रोफ़ेसर विकास कुमार सिंह स्वदेशी शोध संस्थान, नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव भी हैं।

Last updated 05 Nov 2026

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